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हाइलाइट्स

  • असफलता के बाद भी विशाखा ने नहीं हारी हिम्‍मत।
  • दो बार प्रीलिम्स एग्जाम भी नहीं कर पाई थीं क्लियर।
  • तीसरी बार में हासिल की AIR-6।

UPSC Success Story: यूपीएससी की सिविल सर्विस परीक्षा (UPSC CSE) पास करना आसान नहीं है। इस परीक्षा की तैयारी करने वाले सिर्फ 1 फीसदी लोग ही परीक्षा को पास कर पाते हैं। इसके लिए भी इन उम्मीदवारों को कई साल लग जाते हैं। इस दौरान कई छात्र ऐसे होते हैं जो इस असफलता से डर कर अपनी हिम्मत हार जाते हैं और दूसरे रास्तों को चुन लेते हैं। शुरुआती असफलताओं के कारण उम्मीदवारों को हिम्मत भी टूटने लगती है, साथ ही परिवार व आसपास की स्थितियों के दबाव के चलते भी इनका उभर पाना मुश्किल हो जाता है। बहुत कम उम्मीदवार ही होते हैं जो अपनी गलतियों में सुधार कर आगे बढ़ते हैं और सफलता के मुकाम को हासिल करते हैं। इन असफलताओं को सफलता में बदलने का जज्‍बा बहुत कम लोगों में होता है। इन सफलता की कहानी लिखने वालों में शामिल है दिल्ली की विशाखा यादव, जो अपने पहले दो अटेम्प्ट में प्रीलिम्स एग्जाम तक क्लियर नहीं कर सकीं, लेकिन तीसरे अटेम्प्ट में अपनी पूरी तैयारी के साथ कमबैक कर उन्होंने न सिर्फ एग्जाम क्लियर की, बल्कि ऑल इंडिया रैंक-6 भी हासिल किया।

नौकरी छोड़ करने लगीं UPSC की तैयारी

यूपीएससी की तैयारी का गढ़ माने जाने वाले दिल्ली के द्वारका की रहने वाली विशाखा पढ़ाई में बचपन से ही होशियार थीं। स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद विशाखा ने दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी से अंडर ग्रेजुएट किया। यहां पर पढ़ाई के दौरान ही उन्‍हें नौकरी भी मिल गई। यहां पर पढ़ाई के साथ ही दो साल तक इंजीनियर के पद पर नौकरी करने के बाद विशाखा ने UPSC की तैयारी करना शुरू किया। इस तैयारी में उनके परिवार ने भी उन्हें पूरा सपोर्ट किया।

दो अटेम्प्ट में प्रीलिम्स भी नहीं कर पाईं क्लियर

विशाखा ने UPSC की तैयारी का फैसला तो कर लिया, लेकिन उनके पास पहले से कोई अनुभव नहीं था, जो उनके लिए मुश्किल साबित हुआ और पहले दो अटेम्प्ट में वह प्रीलिम्स एग्जाम भी क्लियर नहीं कर सकीं। इससे उनके व उनके परिवार के अंदर निराशा पैदा हुई, लेकिन इसके बाद भी विशाखा ने अपनी हिम्मत बनाए रखी और तीसरे अटेम्प्ट के लिए तैयारी करना शुरू कर दिया।

थर्ड अटेम्प्ट में हासिल की AIR-6

विशाखा ने तीसरे अटेम्प्ट के लिए पूरे दिल से मेहनत की। परीक्षा तैयारी के लिए उन्‍हें जहां से भी जानकारी मिली, उसे हासिल करने की कोशिश की। विशाखा ने तैयारी के दौरान हिम्मत बनाए रखा, उनका यह जज्बा उनके काम आया और तीसरे अटेम्प्ट में उन्होंने न सिर्फ एग्जाम क्लियर की, बल्कि ऑल इंडिया रैंक-6 भी हासिल की। उन्होंने अपनी गलती के बारे में बताते हुए कहा कि उन्होंने शुरुआती दो अटेम्प्ट के लिए उन्होंने बहुत सारा स्टडी मटेरियल तैयार कर के रख लिया, लेकिन रिवीजन पर ध्यान नहीं दिया। साथ ही उन्‍होंने प्रीलिम्स एग्‍जाम के पहले मॉक टेस्ट पर भी फोकस नहीं किया। जिसके कारण ही पहले के दो अटेम्प्ट में उन्हें इसका खामियाजा भुगतना पड़ा।

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इस स्ट्रेटजी को करें फॉलो

विशाखा ने अपने स्ट्रेटजी प्‍लान के बारे में बताते हुए कहा कि अगर आपको सफल होना है तो प्रीलिम्स एग्जाम के लिए पहले ज्यादा से ज्यादा मॉक टेस्ट दें। एग्जाम शुरू होने पर सबसे पहले उन्हें अटेम्प्ट करें, जिन्हें सॉल्व करने पर आपको सबसे ज्यादा कॉन्फिडेंस हो। जिन प्रश्‍नों के उत्‍तर आपको कठिन लगते हैं, उन्‍हें बाद में हल करें। विशाखा सलाह देती हैं कि इस परीक्षा को क्रैक करने के लिए निरंतरता बहुत जरूरी है। इस परीक्षा के लिए एक-दो दिन पढ़ने से कुछ नहीं होगा। आपको लगातार कई दिनों और कई बार महीनों तक लगातार पढ़ना होता है।

ज्यादा किताबें न पढ़ें

अपनी स्ट्रेटजी के बारे में बताते हुए विशाखा ने कहा कि सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए जरूरी है कि वे हर दिन 6 से 8 घंटे निरंतर रूप से पढ़ाई जरूर करें। तैयारी के लिए कई सारी किताबों की जगह कुछ सीमित किताबों को पढ़ने पर ध्यान दें। पढ़ने के साथ ही आंसर राइटिंग की प्रैक्टिस पर फोकस करें, अपनी गलतियों को पता लगाएं और उन पर लगातार सुधार करते हुए हर दिन बेहतर करने पर ध्यान दें।

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